लोग पूछ रहे हैं आप का नये साल का रिज़ॉल्यूशन क्या है? कोई मुझे बता दे (प्लीज़) यह रिज़ॉल्यूशन होता क्या है? हमारे बचपन में तो मुझे याद नहीं कि नये साल का कोई क़रारनामा साईन होता था। अंग्रेज़
तो तब भी मरते रहे होंगे। मगर तब तो किसी पर किसी अंग्रेज़ का भूत नहीं सवार हुआ। अब क्या हो गया है? इस लिये और भी उलझन होती है कि अगर हम कोई नेक ख़्याल अपने रिज़ॉल्यूशन नामी क़रारनामे में शामिल कर भी लें, फिर वह काम तो हम से हरगिज़ नहीं होने वाला। क्या बेवक़ूफ़ी है। मगर हम जो इंडियन होने पर प्राउड फ़ील करते हैं, मगर भारतीय होकर शर्मिंदा हो जाते हैं, हम से कोई अक़लमंदी की बात की
उम्मीद भी कैसे कर सकता है। अब बीइंग एन अहमक़, अगर मैं अपने रिज़ॉल्यूशन्स की लिस्ट बनाऊँ भी, उसमें किसी काम की बात के होने का कोई
सवाल ही नहीं उठता। तो बनाने का फ़ाएदा ही क्या? मगर उनका क्या करूँ जो दिन रात दिमाग़
खाते हैं, और अगले दस दिन तक और खाते रहेंगे – आप का रीजालूशन क्या
है?
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